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जल्द तैयार होगी राज्य की मानव विकास रिपोर्ट
जल्द तैयार होगी राज्य की मानव विकास रिपोर्ट चमोली 10 नवंबर,2017(सू0वि0) इन्सीट्यूट फाॅर ह्यूमन रिसोर्स डेवलमेंट, नई दिल्ली के द्वारा नियोजन विभाग के सहयोग से जिला कार्यालय सभागार में मानव विकास रिपोर्ट तैयार करने को लेकर एक दिवसीय कार्यशाल का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जनपद में आजीविका, रोजगार सृजन, जनपद की मूल दक्षताओं एवं उपलब्ध रिसोर्स पर विचार विमर्श किया गया तथा चिकित्सा, शिक्षा, आवास तथा आर्थिकी जैसे मूलभूत विषयों पर विस्तार से चर्चा की गयी। आईएचडी, नई दिल्ली के प्रोफेसर डा0 बलबंत मेहता ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य की पहली मानव विकास रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसके लिए इन्सीटूयट आॅफ ह्यूमेन डेवलमेंन्ट, नई दिल्ली को जिम्मेदारी सौंपी गयी है। इसके लिए मूलभूत आंकडे एकत्रित करने एवं विभागीय एक्सपर्ट के महत्वपूर्ण सुझाव लिये जा रहे है। राज्य की प्रथम मानव विकास रिपोर्ट के लिए जनपद की विशेषताओं, भावी अवसरों की स्थिति, संभावनाऐं, चुनौतियां एवं सुझाव लेने के साथ आजीविका संसाधन, रोजगार की स्थिति व रोजगार सृजन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य का स्तर, महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार, ध्वज वाहक कार्यक्रम, पर्यटन, उद्योग एवं पशुपालन में रोजगार की स्थिति आदि के साथ कतिपय कार्यो के संपादन में आ रही कठिनाइयों को भी रिपोर्ट में सम्मिलित किया जायेगा। कार्यशाला में उन्होने क्षेत्र की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कार्यो में आ रही कठिनाईयों, चुनौतियों और उनके समाधान के संबध में अधिकारियों से विस्तार से चर्चा एवं महत्वपूर्ण सुझाव लिये गये है। कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जनपद में उपलब्ध चिकित्सा व्यवस्था व स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी दी। उन्होंने लोगों को हेल्थ एजुकेशन से संबधित जानकारी देने व स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एयर एम्बुलेंस रखने का सुझाव दिया। कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों ने किसानों, काश्तकारों को परिवहन में राज सहायता सुविधाऐं उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। जिससे किसानों को कैशक्राॅप का उचित दाम मिल सके। जनपद में हल्दी, अदरक, आलू जैसी नकदी फसलों के साथ तेजपात पर और अधिक कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यशाल में पहाड़ में चकबंदी, परिवहन, बाजर की अनुपलब्धता, जंगली जानवरों से जुडी समस्याओं से अवगत कराया गया। इसके साथ ही जनपद में मशरूम, चाय, इलायची, हस्तशिल्प सहित जड़ीबूटी के क्षेत्र में आर्थिकी मजबूत करने के कई विकल्प सुझाये गये। अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई ने योजनाओं के निर्माण के उपरान्त उनके रखरखाव एवं नियमित माॅनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने व किसी भी योजना में काश्तकारों की भूमि अधिग्रहण करने पर भूमि के बदले भूमि उपलब्ध कराने आदि महत्वपूर्ण सुझाव आईएचडी के अधिकारियों को दिये। कार्यशाल में आईएचडी के रिसर्च आॅफिसर सुबोध कुमार, डिप्टी डाॅरेक्टर चित्रा, सीएमओ डा. भागीरथी जंगपांगी, अधिशासी सहायक अभियन्ता लघु सिंचाई बीएस बेंजवाल, आलू एवं साक भाजी विकास अधिकारी धाराजीत सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी बीएस दुग्ताल, समाज कल्याण अधिकारी सुरेन्द्र लाल, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी राजीव भट्ट, ईई आरडब्लूडी प्रमोद गंगाडी, प्रभारी डीएसटीओ पीएस भण्डारी आदि उपस्थित थे। अति0 जिला सूचना अधिकारी, चमोली।